कबीर परमेश्वर जी पूर्ण ब्रह्म सर्व सृष्टि रचनहार कुल मालिक चारों युगों में सतलोक से चलकर पृथ्वी पर आते हैं और हर युग में अनेकों लीलाएं करते हैं।
ऐसे 600 वर्ष पहले काशी में कलियुग में आये थे और अनेकों लीलाएं की। अपने शिष्यों को ऐसे ऐसे लाभ दिये जो सिर्फ पूर्ण परमात्मा ही दे सकता है।
एक सर्वानन्द नाम के महर्षि थे। उसकी आदरणीय माता श्रीमती शारदा देवी पाप कर्म फल से पीड़ित थी। उसने कबीर परमात्मा से उपदेश प्राप्त किया तथा उसी दिन कष्ट मुक्त हो गई।
क्योंकि पवित्र यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32
में लिखा है कि ‘‘कविरंघारिरसि‘‘ अर्थात् (कविर्) कबीर (अंघारि) पाप का शत्रु (असि) है। फिर इसी पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में लिखा है कि परमात्मा (एनसः एनसः) अधर्म के अधर्म अर्थात् पापों के भी पाप घोर पाप को भी समाप्त कर देता है।
त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर मुनिंद्र नाम से प्रकट हुए तब नल व नील दोनों मोसी मोसी के भाई थे वह दोनों भयंकर कष्ट से पीड़ित थे उन्होंने जगह जगह अपना इलाज करवाके थक चुके थे फिर परमेश्वर ने उनको शरण में लिया और रोग मुक्त किया उनकी कृपा से ही समुंद्र पर पत्थर तैरे धर्मदास जी के वाणी में इसका प्रमाण है।
रहे नल नील जतन कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार | जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर सिला तिराने वाले|| धन्य- धन्य सत्य कबीर भक्त की पीड़ मिटाने वाले||
द्वापरयुग में द्रोपदी का चीर बढ़ाना, हिरण्यकशिपु से भक्त प्रहलाद की रक्षा करना, दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोदी के जलन का रोग ठीक करना, रावण का वध करना आदि।
ऐसी ऐसी और भी अनेकों की हैं जो कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता।
कबीर साहेब जी ही पूर्ण परमात्मा सर्व ब्रह्मांडों के मालिक हैं। वेदों प्रमाण है कि वह पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है।
इन चमत्कारों से स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ही हैं।
ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1 - 3 में प्रमाण मिलता है कि पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है।
और ऐसे ही लाभ आज वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज के द्वारा बताई गई भक्ति साधना करने वाले भक्तों को हो रहे हैं।
नाम कृष्ण कुमार (Krishan kumar) हैं। उत्तम नगर दिल्ली के रहने वाला है। संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लेने से पहले हार्ट, ब्लड प्रेशर, पथरी, रीड की हड्डी के दर्द से पीड़ित थे। संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लिया, मर्यादा पूर्ण सत भक्ति की। आज बिना किसी दवा से पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
नाम संजय दास (Sanjay Das), जिला भोपाल मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
इनकी पत्नी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब रहती थी। फेफड़े खराब हो गये थे, हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच में लटक रहे थे। फिर संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की उनसे नाम उपदेश लेकर सत भक्ति की आज पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
नाम चेतराम (Chetram) है खरगौन मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं इनको संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने से पहले यह गायत्री परिवार से जुड़े हुए थे। वहां बताई गई भक्ति करते करते इनको कैंसर की बीमारी हो गई। जिसको लेकर इन्होंने जगह जगह डॉक्टरों को दिखाकर थक चुके थे। फिर किसी ने संत रामपाल जी महाराज के बारे में बताया और उनसे नाम उपदेश लेकर सत भक्ति करने से आज पूरी तरह स्वस्थ हैं।
और ऐसे ही लाभ सभी भक्तों को मिलते हैं और मिल रहे हैं। जिसका प्रमाण है उनके लाखों अनुयाई और उनका परिवार।
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